टिकाऊ खेती हेतु प्रभारी स्थायी क्यारी रोपण
12 / 24
Keywords:
LFkk;h csM IykafVaxAbstract
बेड प्लांटिंग हाल ही में विकसित हुई उन्नत फसल स्थापना विधि/उन्नत कृषि प्रौद्योगिकी हैं, जिसका उद्देश्य उच्च वर्षा क्षेत्र (>550 मि.मी), में मिट्टी में जलभराव की समस्या को दूर करना और मिट्टी की संरचना में सुधार करना है। यह उपज कम किए बिना प्राकृतिक संसाधनों की बचत करती है और उत्पादन लागत कम करती है। बेड पर फसल उगाने के कई फायदे हैं जिनमें सिंचाई के पानी का कम उपयोग (25% तक), बीज दर में कमी (25-30% तक), फसल के गिरने में कमी, जलभराव में कमी, खरपतवार के अंकुरण में कमी, यांत्रिक निराई और उर्वरक डालने का अवसर और बेहतर सतही जल निकासी के कारण संचालन की समयबद्धता में सुधार शामिल है। यह फसलों की समय पर बुवाई सुनिशचित करती है और श्रम पर निर्भरता में कमी लाती हैं। नियंत्रित आवागमन और कम जुताई के माध्यम से मिट्टी की संरचना में सुधार करती है। ये नई प्रौद्योगिकी संसाधन-संरक्षण और टिकाऊ फसल संचय (सीए) मानदंडों के अनुकूल हैं तथा कम वर्षा और अधिक वर्षा आधारित दोनों क्षेत्रो के लिए इस रोपण प्रणाली को अपनाने में अपार संभावनाएं हैं।
Downloads
Downloads
Submitted
Published
Issue
Section
License
Copyright (c) 2026 खेती

This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License.
खेती में प्रकाशित लेखों का कॉपीराइट भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के पास निहित है, जिसे भारत या विदेश में किसी भी संगठन के साथ किसी भी समझौते में प्रवेश करने का अधिकार है, जो रिप्रोग्राफी, फोटोकॉपी, भंडारण और सूचना के प्रसार में शामिल है। इन पत्रिकाओं में सामग्री का उपयोग करने में परिषद को कोई आपत्ति नहीं है, बशर्ते जानकारी का उपयोग अकादमिक उद्देश्य के लिए किया जा रहा हो, लेकिन व्यावसायिक उपयोग के लिए नहीं। आईसीएआर को देय क्रेडिट लाइन दी जानी चाहिए जहां सूचना का उपयोग किया जाएगा।