नई किस्म-पूसा जवाहर संकर मक्का-2


18 / 21

Authors

  • दिग्वेन्द्र पाल भाकृअनुप-भारतीय कृषि अनुसन्धान संस्थान, पूसा नई दिल्ली – 110012
  • गणपति मुक्रि DIvision of Genetics, IARI
  • जयत एस. भट भारतीय कृषि अनुसन्धान संस्थान क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्र, धारवाड़, कर्नाटक-580005
  • चंदू सिंह भाकृअनुप-भारतीय कृषि अनुसन्धान संस्थान, पूसा नई दिल्ली – 110012
  • रवींद्र एन. गडग भाकृअनुप-भारतीय कृषि अनुसन्धान संस्थान, पूसा नई दिल्ली – 110012

Abstract

मक्का भारत की प्रमुख खाद्यान्न, चारा एवं औद्योगिक फसलों में से एक है। बढ़ती जनसंख्या तथा मांग को देखते हुए उच्च उत्पादक संकरों का विकास आवश्यक है। इसी उद्देश्य से भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान, पूसा नई दिल्ली तथा जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय, जबलपुर मध्य प्रदेश, द्वारा संयुक्त रूप से विकसित पूसा जवाहर हाइब्रिड मक्का-2 (पीजेएचएम-2) किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। पीजेएचएम-2 को राज्य किस्म विमोचन समिति (SVRC), मध्य प्रदेश द्वारा पहचानने के बाद भारत सरकार, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय द्वारा अधिसूचना संख्या G. No. 4054, S.O. 4222(E), दिनांक 25 सितम्बर 2023 के माध्यम से अधिसूचित किया गया। यह संकर मुख्यतः मध्य भारत की उपोष्णकटिबंधीय जलवायु के लिए उपयुक्त है और खरीफ मौसम में उच्च उत्पादन क्षमता प्रदर्शित करता है। इसकी औसत उपज लगभग 8200 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर तथा अधिकतम उपज क्षमता लगभग 10,294 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर तक दर्ज की गई है। उचित उर्वरक प्रबंधन, समय पर सिंचाई तथा खरपतवार नियंत्रण अपनाने पर इसकी उत्पादकता और अधिक बढ़ाई जा सकती है। यह पुष्पन तना सड़न एवं राजस्थान डाउनी मिल्ड्यू जैसे प्रमुख रोगों के प्रति सहनशील है तथा दाना एवं चारा दोनों उद्देश्यों के लिए उपयोगी है। इस प्रकार पीजेएचएम-2 संकर, उचित फसल प्रबंधन के साथ मक्का उत्पादन में वृद्धि करने तथा किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण और लाभकारी कदम सिद्ध हो सकता है।

Downloads

Download data is not yet available.

Downloads

Submitted

2026-06-22

Published

2026-08-13

How to Cite

दिग्वेन्द्र पाल, गणपति मुक्रि, जयत एस. भट, चंदू सिंह, & रवींद्र एन. गडग. (2026). नई किस्म-पूसा जवाहर संकर मक्का-2. खेती, 79(4), 11-13. http://epatrika.icar.org.in/index.php/kheti/article/view/2090