अगस्त के मुख्य कृषि कार्य
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Abstract
भारत में कृषि कार्य ऋतुओं के अनुसार बदलते रहते हैं और अगस्त अर्थात् श्रावण–भाद्रपद का महीना किसानों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। यह समय दक्षिण-पश्चिम मानसून के प्रभाव का होता है, जिससे खेतों में पर्याप्त नमी उपलब्ध रहती है। इस दौरान खरीफ फसलें जैसे धान, मक्का, सोयाबीन, बाजरा, ज्वार, मूंगफली तथा विभिन्न दलहनी फसलें अच्छी वृद्धि की अवस्था में होती हैं। इसलिए अगस्त माह में फसलों की समुचित देखभाल, सिंचाई, खरपतवार नियंत्रण तथा कीट एवं रोग प्रबंधन पर विशेष ध्यान देना आवश्यक होता है। उचित समय पर बुआई, फसलों की क्रांतिक अवस्थाओं पर सिंचाई, बूंद-बूंद सिंचाई प्रणाली का उपयोग, कम पानी में फसल प्रबंधन हेतु पूसा हाइड्रोजेल का प्रयोग तथा वाष्पीकरण कम करने के लिए पलवार (मल्च) का उपयोग जैसी कृषि तकनीकें वर्षा आधारित क्षेत्रों में फसल उत्पादकता बढ़ाने में सहायक सिद्ध होती हैं। यदि किसान वैज्ञानिक एवं आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाएँ, तो वे बेहतर उत्पादन प्राप्त कर सकते हैं। अगस्त माह में किए जाने वाले प्रमुख कृषि कार्यों का विवरण आगे प्रस्तुत किया गया है।
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