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अगस्त 2026
Vol. 79 No. 4 (2026)यह अंक कृषि, ग्रामीण आजीविका, नवाचार और टिकाऊ कृषि पद्धतियों से जुड़े विविध विषयों को समाहित करता है। इस अंक में कृषि को केवल उत्पादन का माध्यम न मानकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था, उद्यमिता, डिजिटल तकनीक और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण से जोड़ते हुए समसामयिक एवं उपयोगी जानकारी प्रस्तुत की गई है।
अंक का प्रमुख आलेख ‘कृषि उद्यमिता से ग्रामीण भारत में आजीविका सुरक्षा’ कृषि आधारित उद्यमों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और आय के नए अवसरों पर प्रकाश डालता है। ‘नई किस्म-पूसा जवाहर संकर मक्का-2’ में मक्का की नई उन्नत किस्म की प्रमुख विशेषताओं और संभावनाओं की जानकारी दी गई है। वहीं ‘भारत विस्तार-डिजिटल कृषि का नया आयाम’ डिजिटल तकनीकों के माध्यम से किसानों तक कृषि संबंधी ज्ञान, परामर्श और सेवाएँ पहुँचाने की दिशा में हो रहे प्रयासों को रेखांकित करता है।
मत्स्य संसाधनों के संरक्षण के लिए सामुदायिक भागीदारी, भेड़-बकरियों के उत्पादों में मूल्य संवर्धन तथा टिकाऊ खेती के लिए स्थायी क्यारी रोपण जैसे विषय कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों में व्यावहारिक और पर्यावरण-अनुकूल विकल्पों को सामने लाते हैं। ‘बहुउपयोगी वृक्ष है बुरांश’ में इस उपयोगी वृक्ष के विभिन्न महत्वों की जानकारी दी गई है। खाद्यान्न फसलों में संतुलित उर्वरक प्रबंधन बेहतर उत्पादकता और मृदा स्वास्थ्य की दृष्टि से महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान करता है।
इसके अतिरिक्त, समुद्री शैवाल की खेती से आय के नए स्रोत, मधुमक्खी संरक्षण में उपयोगी सूक्ष्म शैवाल तथा अगस्त माह के प्रमुख कृषि कार्यों से संबंधित सामग्री किसानों और कृषि हितधारकों के लिए उपयोगी मार्गदर्शन प्रदान करती है। यह अंक ज्ञान, नवाचार और टिकाऊ कृषि के माध्यम से समृद्ध एवं आत्मनिर्भर ग्रामीण भारत की दिशा में सार्थक जानकारी उपलब्ध करवाता है।
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जुलाई 2026
Vol. 79 No. 3 (2026)भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (भाकृअनुप) के 98वें स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में प्रकाशित ‘खेती’ पत्रिका का यह विशेषांक ‘आजीविका उद्यमिता’ विषय पर केंद्रित है। इस विशेषांक का उद्देश्य कृषि को केवल उत्पादन तक सीमित न रखकर उसे आय, रोजगार और उद्यमिता का सशक्त माध्यम के रूप में प्रस्तुत करना है। इसमें कृषि आधारित विविध सफल उद्यमों एवं नवीन तकनीकों को सरल भाषा में संकलित किया गया है, ताकि किसान, ग्रामीण युवा, महिलाएँ, स्टार्ट-अप उद्यमी तथा कृषि से जुड़े अन्य हितधारक इनसे प्रेरणा लेकर आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ सकें।
विशेषांक में उन्नति, मशरूम उत्पादन, सब्जी उत्पादन, बागवानी, उद्यानिकी, मत्स्यपालन तथा कृषि यंत्रीकरण जैसे विविध कृषि उद्यमों से संबंधित व्यावहारिक अनुभव, वैज्ञानिक तकनीकें एवं सफलता मॉडल प्रस्तुत किए गए हैं। साथ ही, मूल्य संवर्धन, प्रसंस्करण, आधुनिक उत्पादन प्रणालियों तथा बाजारोन्मुख कृषि की संभावनाओं पर भी प्रकाश डाला गया है।
यह विशेषांक किसानों को पारंपरिक खेती से आगे बढ़कर बहुआयामी कृषि उद्यम अपनाने, जोखिम कम करने, आय के नए स्रोत विकसित करने तथा कृषि को लाभकारी एवं टिकाऊ व्यवसाय के रूप में स्थापित करने के लिए उपयोगी मार्गदर्शन प्रदान करता है। यह अंक वैज्ञानिक अनुसंधान और खेत स्तर की सफलता के बीच प्रभावी सेतु का कार्य करते हुए "विकसित कृषि, समृद्ध किसान" के लक्ष्य को साकार करने में महत्वपूर्ण योगदान देगा।
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जून 2026
Vol. 79 No. 2 (2026)‘खेती’ पत्रिका का जून 2026 अंक किसानों, कृषि वैज्ञानिकों, विस्तार कार्यकर्ताओं तथा कृषि क्षेत्र से जुड़े सभी पाठकों के लिए उपयोगी एवं समसामयिक जानकारियों का समृद्ध संकलन प्रस्तुत करता है। वर्तमान समय में कृषि क्षेत्र तकनीकी नवाचारों, संसाधन संरक्षण तथा जलवायु अनुकूल खेती की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। इसी परिप्रेक्ष्य में इस अंक में आधुनिक कृषि तकनीकों, फसल प्रबंधन, पशुपालन तथा कृषि उद्यमिता से संबंधित महत्वपूर्ण विषयों को सरल एवं व्यावहारिक शैली में शामिल किया गया है।
अंक का प्रमुख आकर्षण ड्रोन तकनीक से स्मार्ट कृषि विषयक लेख है, जिसमें आधुनिक कृषि में ड्रोन के उपयोग, उसकी उपयोगिता तथा भविष्य की संभावनाओं पर प्रकाश डाला गया है। कम लागत में बीज अंकुरण का प्रभावी परीक्षण तथा कृषि में सस्य विज्ञान की बढ़ती भूमिका जैसे लेख किसानों को वैज्ञानिक खेती अपनाने के लिए प्रेरित करते हैं। वहीं सोयाबीन में फलियां कम बनने की समस्या का समाधान, मक्का फसल में नाशीजीव प्रबंधन और श्री अन्न फसलों में रोगों की रोकथाम जैसे लेख फसल उत्पादन की प्रमुख चुनौतियों के व्यावहारिक समाधान प्रस्तुत करते हैं। इस अंक में आधुनिक विधि से धान की सीधी बुआई तथा सतत कृषि में लाभकारी है मसूर उत्पादन विषयों के माध्यम से संसाधन संरक्षण एवं टिकाऊ कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देने का प्रयास किया गया है। इसके अतिरिक्त कपास मूल्य शृंखला में उपयोगी बेलिंग तकनीक लेख कृषि उत्पादों के बेहतर प्रबंधन और विपणन की जानकारी प्रदान करता है।
पशुपालन एवं कृषि आधारित उद्यमिता को ध्यान में रखते हुए ग्रीष्म ऋतु में खरगोश पालन तथा मूल्य शृंखला और गौण उद्यम से भरपूर अवसर जैसे लेख किसानों की आय वृद्धि और रोजगार सृजन की संभावनाओं को रेखांकित करते हैं।
समग्र रूप से, ‘खेती’ का यह अंक आधुनिक तकनीक, वैज्ञानिक प्रबंधन और कृषि उद्यमिता के समन्वय के माध्यम से किसानों को अधिक उत्पादन, बेहतर लाभ एवं सतत कृषि की दिशा में मार्गदर्शन प्रदान करने का प्रयास करता है। हमें विश्वास है कि यह अंक पाठकों के ज्ञानवर्धन के साथ-साथ उनकी कृषि गतिविधियों को और अधिक प्रभावी एवं लाभकारी बनाने में सहायक सिद्ध होगा।
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मई 2026
Vol. 79 No. 1 (2026)‘खेती’ पत्रिका का मई 2026 अंक किसानों, कृषि वैज्ञानिकों तथा कृषि उद्यमिता से जुड़े पाठकों के लिए उपयोगी,व्यावहारिक एवं समसामयिक जानकारियों से समृद्ध विशेष सामग्री लेकर प्रस्तुत किया गया है। इस अंक में श्री अन्न के अंतर्गत पोषण से भरपूर कुटकी का मूल्यसंवर्धन विषय पर जानकारी दी गई है, जिससे किसानों को लघु अनाजों के प्रसंस्करण एवं आय वृद्धि के अवसरों की समझ मिलती है। वहीं दलहन प्रसंस्करण केंद्रों के माध्यम से आय संवर्धन पर लेख किसानों को ग्रामीण स्तर पर मूल्य संवर्धन आधारित उद्यमिता की दिशा में प्रेरित करता है।
आय संवर्धन से जुड़े विषयों में मखाना सह मत्स्य पालन प्रणाली तथा सौर ऊर्जा से स्वचालित मत्स्य आहार एवं ऑक्सीजन प्रबंधन तकनीक जैसी नवाचार आधारित तकनीकों को शामिल किया गया है, जो सीमित संसाधनों में अधिक लाभ प्राप्त करने के व्यावहारिक उपाय प्रस्तुत करती हैं। इसी क्रम में माइक्रोग्रीन्स का उत्पादन विषय पोषण सुरक्षा एवं शहरी-ग्रामीण उद्यमिता के नए अवसरों को रेखांकित करता है।
स्मार्ट कृषि के अंतर्गत शुष्क एवं अर्द्धशुष्क क्षेत्रों हेतु एग्रीवोल्टाइक प्रणाली तथा कृषि में बढ़ता ड्रोन का महत्व जैसे आधुनिक विषय किसानों को उन्नत तकनीकों के उपयोग के प्रति जागरूक करते हैं। वहीं धान में सूत्रकृमियों का प्रबंधन विषय फसल संरक्षण से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान करता है।
इसके अतिरिक्त सतत कृषि में पशुधन की भूमिका, मकई रेशम का प्रसंस्करण तथा मई माह के मुख्य कृषि कार्य जैसे लेख किसानों को समेकित कृषि प्रणाली अपनाने एवं मौसम आधारित कृषि प्रबंधन में सहायता प्रदान करते हैं। साथ ही आवरण लेख बढ़ती गर्मी और सूखे से कृषि पर गहराता प्रभाव जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों के प्रति जागरूक करते हुए अनुकूलन उपायों की आवश्यकता को रेखांकित करता है।
समग्र रूप से यह अंक आधुनिक तकनीकों, पोषण सुरक्षा, मूल्य संवर्धन तथा जलवायु अनुकूल कृषि पद्धतियों पर आधारित उपयोगी जानकारी का समन्वित संकलन है।
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अप्रैल 2026
Vol. 78 No. 12 (2026)खेती पत्रिका का अप्रैल 2026 अंक किसानों, कृषि वैज्ञानिकों तथा कृषि क्षेत्र से जुड़े सभी हितधारकों के लिए उपयोगी, ज्ञानवर्धक एवं व्यवहारिक जानकारी से परिपूर्ण है। इस अंक में आधुनिक कृषि तकनीकों, संसाधन संरक्षण, पशुपालन, पोषण सुरक्षा तथा कृषि उद्यमिता से जुड़े विविध महत्वपूर्ण विषयों को सरल और प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया है।
अंक में एकल गाय विधि द्वारा गन्ना की खेती से लाभकारी उत्पादन, वर्षापोषित एवं क्षारीय मृदा में चारा उत्पादन, तथा कृषि उत्पादकता बढ़ाने में मृदा परीक्षण की भूमिका जैसे लेख किसानों को वैज्ञानिक खेती अपनाने के लिए प्रेरित करते हैं। इसके साथ ही पोषणयुक्त लाल धान उत्पादन की सफलता की कहानी पोषण सुरक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण पहल को दर्शाती है। इसके अतिरिक्त जीरो बजट प्राकृतिक खेती का भविष्य, दलहन भंडारण में पल्स बीटल का प्रबंधन, तथा भू-स्थानिक प्रौद्योगिकी की आधुनिक खेती में आवश्यकता जैसे विषय किसानों को नवीन तकनीकी दृष्टिकोण से अवगत करवाते हैं। दंत-परीक्षण द्वारा गोवंश की आयु का आकलन और सटीक कृषि के फायदे पशुपालन एवं प्रिसीजन फार्मिंग की उपयोगिता को रेखांकित करते हैं।
इस अंक में विशेष रूप से जोड़ा गया लेख कृषि उष्मायन केंद्रों की भूमिका कृषि आधारित स्टार्टअप, नवाचार एवं युवा उद्यमिता को बढ़ावा देने की दिशा में उनकी महत्ता को स्पष्ट करता है।
समग्र रूप से यह अंक वैज्ञानिक जानकारी, नवीन तकनीकों एवं सफल अनुभवों के माध्यम से किसानों की आय वृद्धि और टिकाऊ कृषि विकास की दिशा में उपयोगी मार्गदर्शन प्रदान करता है।
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मार्च 2026
Vol. 78 No. 11 (2026) -
फरवरी 2026
Vol. 78 No. 10 (2026) -
जनवरी 2026
Vol. 78 No. 9 (2026) -
दिसम्बर 2025
Vol. 78 No. 8 (2025)