शुष्क क्षेत्रों हेतु बहुत उपयोगी कैर


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Authors

  • प्रकाश सिंगाठिया

Abstract

कैपैरिस डेसिडुआ सामान्यतः कैर के नाम से जाना जाता है। यह कैपरेसी परिवार का प्रमुख अल्पउपयोगी छोटा फलदार झाड़ी या वृक्ष है, जो भारतीय उपमहाद्वीप, मध्य पूर्व तथा अफ्रीका के शुष्क एवं अर्ध-शुष्क क्षेत्रों का स्थानिक पौधा है। कैर एक कठोर एवं बहुउपयोगी फल वृक्ष है, जिसमें विशिष्ट शुष्क सहिष्णु लक्षण पाए जाते हैं, जैसे गहरी जड़ प्रणाली, श्लेष्मा रस तथा दृढ़ कांटे। ये मुख्य विशेषताएँ इसे राजस्थान और गुजरात के शुष्क क्षेत्रों सहित बंजर एवं क्षारीय भूमियों में सफलतापूर्वक उगाने योग्य बनाती हैं। इस पौधे में विविध प्रकार के जैवसक्रिय रासायनिक यौगिक पाए जाते हैं, जो इसके औषधीय गुणों को उल्लेखनीय रूप से बढ़ाते हैं। प्रस्तुत लेख में कैर पौधे के महत्व, उसकी औषधीय तथा पोषणीय मूल्य पर विशेष रूप से प्रकाश डाला गया है जो इस अल्पउपयोगी फलदार वृक्ष के पोषक व औषधीय गुणों की जागरूकता बढ़ाने तथा इसके व्यावहारिक उपयोग को प्रोत्साहित करने में सहायक सिद्ध होगा, जिससे शुष्क एवं अर्ध-शुष्क क्षेत्रों की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण योगदान प्रदान करेगा।

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Submitted

2026-02-04

Published

2026-05-18

How to Cite

प्रकाश सिंगाठिया. (2026). शुष्क क्षेत्रों हेतु बहुत उपयोगी कैर. फल फूल, 47(3), 34-36. http://epatrika.icar.org.in/index.php/phalphool/article/view/1734