एप्पल बेर की उन्नत खेती की आत्मनिर्भरता
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Keywords:
एप्पल बेर की खेती , उत्कृष्ट बागवानी , सफल बागवानी , प्रगतिशील महिला कृषक, फलों की खेतीAbstract
मध्यप्रदेश के दमोह जिले के ग्राम पिपरिया किरण (भैंसा), तहसील हटा की प्रगतिशील महिला कृषक श्रीमती अनुपमा पटेल ने कृषि विज्ञान केन्द्र, दमोह के तकनीकी मार्गदर्शन में एप्पल बेर की उन्नत किस्मों- एप्पल बेर ग्रीन, एप्पल बेर, कश्मीरी तथा एप्पल बेर येलो की वैज्ञानिक खेती अपनाकर उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की है। विगत पाँच वर्षों से नवीन कृषि तकनीकों एवं उच्च उत्पादकता वाली फसलों को अपनाने की उनकी दृष्टि ने उन्हें क्षेत्र की अग्रणी महिला कृषकों में स्थापित किया है। एक एकड़ क्षेत्र में एप्पल बेर की बागवानी स्थापना पर प्रथम वर्ष में लगभग रुपए 50,000 की लागत आई, जबकि प्रारम्भिक दो वर्षों में रुपए 75,000 से रुपए 90,000 तक आय प्राप्त हुई। वर्तमान में बाग के स्थिर होने के बाद वार्षिक लागत मात्र रुपए 20,000 से रुपए 30,000 रह गई है तथा आय बढ़कर रुपए 1.50 से रुपए 1.65 लाख प्रति एकड़ प्रतिवर्ष हो गई है, जिसमें चालू वर्ष में 42 क्विंटल तक उत्पादन दर्ज किया गया है। एप्पल बेर न केवल पोषण की दृष्टि से महत्वपूर्ण एवं स्वादिष्ट फल है, बल्कि इससे जूस, कैंडी, पाउडर एवं मुरब्बा जैसे मूल्यवर्धित उत्पाद तैयार कर ग्रामीण स्तर पर स्वरोजगार एवं अतिरिक्त आय के अवसर भी सृजित किए जा सकते हैं। बुन्देलखण्ड क्षेत्र की जलवायु बेर उत्पादन के लिए अत्यंत अनुकूल होने से यह फसल किसानों के लिए कम लागत में अधिक लाभ देने वाली सिद्ध हो रही है। श्रीमती अनुपमा पटेल की यह सफलता कहानी क्षेत्रीय कृषकों, विशेषकर महिला किसानों के लिए प्रेरणास्रोत है तथा यह दर्शाती है कि वैज्ञानिक तकनीक, फसल विविधीकरण और उद्यानिकी आधारित खेती अपनाकर आय में उल्लेखनीय वृद्धि की जा सकती है। कृषक एप्पल बेर की उन्नत खेती संबंधी तकनीकी मार्गदर्शन हेतु कृषि विज्ञान केन्द्र, दमोह तथा योजनागत लाभ हेतु उद्यानिकी विभाग से संपर्क कर सकते हैं।
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