फल फसलों की विविधता से पोषण और वृद्धि


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Authors

  • Ekta SINGH Student
  • Nikhil Maurya Student
  • Ankita Yadav Student

Keywords:

फल, जैव विविधता , संरक्षण

Abstract

भारत जैव विविधता की दृष्टि से समृद्ध देश है, जहाँ विविध जलवायु एवं भौगोलिक परिस्थितियों के कारण अनेक फल प्रजातियाँ पाई जाती हैं। फलों में जैव विविधता प्रजातियों, किस्मों तथा आनुवंशिक संसाधनों में विद्यमान विविधता को दर्शाती है, जो उत्पादन स्थिरता, रोग-प्रतिरोध, गुणवत्ता सुधार एवं जलवायु अनुकूलन के लिए अत्यंत आवश्यक है। आधुनिक कृषि, शहरीकरण और जलवायु परिवर्तन के कारण पारंपरिक फल प्रजातियाँ संकटग्रस्त हो रही हैं, इसलिए उनका संरक्षण अनिवार्य है।इस लेख में अमरूद, आंवला, स्ट्रॉबेरी एवं सीताफल जैसी प्रमुख फल फसलों में पाई जाने वाली जैव विविधता का वर्णन किया गया है तथा उनकी उन्नत किस्मों की विशेषताओं को प्रस्तुत किया गया है। साथ ही, इन-सीटू एवं एक्स-सीटू संरक्षण की रणनीतियों तथा भारत में संरक्षण आधारित सफलताओं का उल्लेख किया गया है। राष्ट्रीय जीन बैंक एवं विभिन्न अनुसंधान संस्थानों के प्रयासों से अनेक महत्वपूर्ण आनुवंशिक संसाधनों का संरक्षण संभव हुआ है। फल फसलों में संरक्षण, उन्नत किस्मों के विकास एवं आधुनिक तकनीकों के प्रयोग से उत्पादन, गुणवत्ता और किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।

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Submitted

2026-02-28

Published

2026-07-16

How to Cite

SINGH, E., Maurya, N., & Yadav, A. . (2026). फल फसलों की विविधता से पोषण और वृद्धि. फल फूल, 47(4). http://epatrika.icar.org.in/index.php/phalphool/article/view/1804