मेंथा की वैज्ञानिक खेती


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Authors

  • बृजेश कुमार सस्य विज्ञान अनुभाग, भाकृअनुप-राष्ट्रीय डेरी अनुसंधन संस्थान, करनाल-132001, हरियाणा
  • मगन सिंह सस्य विज्ञान अनुभाग, भाकृअनुप-राष्ट्रीय डेरी अनुसंधन संस्थान, करनाल-132001, हरियाणा
  • संजीव कुमार सस्य विज्ञान अनुभाग, भाकृअनुप-राष्ट्रीय डेरी अनुसंधन संस्थान, करनाल-132001, हरियाणा
  • संदीप कुमार सस्य विज्ञान अनुभाग, भाकृअनुप-राष्ट्रीय डेरी अनुसंधन संस्थान, करनाल-132001, हरियाणा

Abstract

मेंथा (मेंथा अर्वेन्सिस) लैमियासी परिवार का एक महत्वपूर्ण औषधीय पौध है। इसकी खेती भारत के अलावा अन्य देशों में भी की जाती है। मेंथा के प्रमुख उत्पादक देश
भारत, चीन, संयुक्त राज्य अमेरिका और ब्राजील हैं। भारत में मेंथा की खेती उत्तर प्रदेश, बिहार, हरियाणा, पंजाब, पश्चिम बंगाल, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में की जाती है। मेंथा तेल व्यावसायिक रूप से अत्यंत मूल्यवान है। इसका उपयोग अनेक उद्योगों में किया जाता है, विशेषकर औषधी उद्योग में, जैसे तेल, मलहम, बाम, क्रीम/ जैल, कफ सिरप, लोशन, अस्थमा की दवाइयाँ, अवसाद, थकान तथा वजन घटाने से संबंध्ति औषध्यिाँ आदि। इसके अतिरिक्त, मेंथा तेल का उपयोग फ्रलेवरिंग एजेंट तथा सुगंध् सामग्री के रूप में भी किया जाता है, जैसे इत्रा, सौंदर्य प्रसाध्न, साबुन, जलीय क्रीम आदि। मेंथा तेल का प्रयोग स्वाद बढ़ाने वाले एजेंट के रूप में भी किया जाता है, जैसे टूथपेस्ट, च्युइंग गम, डेंटल क्रीम, माउथवाॅश तथा विभिन्न पेय आदि उत्पादों में। अनुकूल जलवायु एवं उन्नत कृषि तकनीकों के उपयोग से मेंथा की उच्च उपज प्राप्त की जा सकती है। उचित समय पर कटाई तथा वैज्ञानिक विधि से तेल निष्कर्षण करने पर उत्पादन एवं गुणवत्ता में प्रभावी  विधि होती है।

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Submitted

2026-03-25

Published

2026-03-30

How to Cite

बृजेश कुमार, मगन सिंह, संजीव कुमार, & संदीप कुमार. (2026). मेंथा की वैज्ञानिक खेती. फल फूल, 47(2), 4-6. http://epatrika.icar.org.in/index.php/phalphool/article/view/1875