हिमालयी स्वदेशी सब्जी-तरड़ी का उत्पादन
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Abstract
हिमाचल प्रदेश जैव विविध्ता से समृद्ध राज्य है, जहाँ अनेक जंगली फल एवं सब्जियाँ पाई जाती हैं। ये न केवल ग्रामीण एवं गरीब वर्ग की पोषण संबंधी आवश्यकताओं की पूर्ति करती हैं, बल्कि उनकी सामाजिक-आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। इन सब्जियों की राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय बाजारों में अच्छी मांग होने के बावजूद, अधिकांश उत्पाद वर्तमान में स्थानीय बाजारों तक ही सीमित हैं। इन्हीं पारंपरिक सब्जियों में से एक महत्वपूर्ण भूमिगत सब्जी ‘‘तरड़ी‘‘ है। हिमाचल प्रदेश में तरड़ी एक लोकप्रिय कंदीय सब्जी है, जिसका उपयोग खाद्य एवं औषधीय दोनों दृष्टियों से किया जाता है। इसके पोषक गुणों और औषधीय महत्व को देऽते हुए इसकी खेती को बढ़ावा देना आवश्यक है। इसके लिए उन्नत कृषि प्रौद्योगिकियों के विकास, वैज्ञानिक उत्पादन तकनीकों के प्रसार तथा उत्पाद के प्रसंस्करण एवं मूल्य संवर्धन पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए।
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