लीची की रंग-बिरंगी दुनिया और जैव विविधता का संरक्षण


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Authors

  • Dr. Sunil Kumar ICAR- National Research Centre on Litchi, Muzaffarpur

Keywords:

लीची, जैव विविधता , पोषण सुरक्षा

Abstract

लीची एक पोषक एवं उच्च मूल्य का उपोष्णकटिबंधीय फल है, जो अपने स्वाद, आकर्षक रंग एवं स्वास्थ्य लाभों के लिए प्रसिद्ध है। भारत विश्व का प्रमुख उत्पादक देश है, जहाँ इसकी खेती तेजी से नए क्षेत्रों में फैल रही है। सीमित आनुवंशिक आधार के बावजूद, विभिन्न जर्मप्लाज्म का संरक्षण भाकृअनुप-राष्ट्रीय लीची अनुसंधान केंद्र, मुजफ्फरपुर में किया जा रहा है। किसानों द्वारा पारंपरिक किस्मों के संरक्षण को पादप जीनोम सेवियर पुरस्कार के माध्यम से मान्यता दी गई है। लीची का सतत विकास जैव विविधता संरक्षण, उपभोक्ता-आधारित सुधार, आधुनिक तकनीकों एवं किसान–वैज्ञानिक सहयोग पर आधारित है, जिससे यह फल कृषि समृद्धि एवं पोषण सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

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Submitted

2026-04-09

Published

2026-07-16

How to Cite

Dr. Sunil Kumar. (2026). लीची की रंग-बिरंगी दुनिया और जैव विविधता का संरक्षण. फल फूल, 47(4). http://epatrika.icar.org.in/index.php/phalphool/article/view/1916