मधुमेह उपचार में लाभदायक गुड़मार
575 / 135
Abstract
गुड़मार एक बेलनुमा औषधीय लता है। गुड़मार के पत्ते, तने और जड़ों का आयुर्वेद में काफी महत्व है। काष्ठयुत्तफ रोएंदार इस लता के पत्ते गुणकारी हैं और इसकी खेती अति लाभकारी है। यह कई तरह के रोगों में रामबाण इलाज है खासकर मधुमेह और लिवर संबंधी समस्याओं में इसे बेहद कारगर माना जाता है। इसे मधुमेह का दुश्मन और लिवर का टाॅनिक भी कहते हैं। इसमें शर्करा विरोधी तत्व जैसे जिमनेमिक एसिड एबीसी है, इसीलिए यह औषधीय गुणों की खान है। इस पर पीले भड़कीले फूलों के गुच्छे लगते हैं। इसकी पत्तियां 5 से 7 सेंटीमीटर लंबी होती हैं। इसके पत्ते चबाने से मुंह का स्वाद थोड़ी देर के लिए समाप्त हो जाता है। इसलिए इसे गुड़मार कहा जाता है। यह सिपर्फ मधुमेह या लिवर ही नहीं, डायरिया, पेचिश, पेट दर्द आदि के उपचार में भी उपयोग किया जा सकता है।
Downloads
Downloads
Submitted
Published
Issue
Section
License
Copyright (c) 2023 फल फूल

This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-ShareAlike 4.0 International License.
फल फूल में प्रकाशित लेखों का कॉपीराइट भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के पास निहित है, जिसे भारत या विदेश में किसी भी संगठन के साथ किसी भी समझौते में प्रवेश करने का अधिकार है, जो रिप्रोग्राफी, फोटोकॉपी, भंडारण और सूचना के प्रसार में शामिल है। इन पत्रिकाओं में सामग्री का उपयोग करने में परिषद को कोई आपत्ति नहीं है, बशर्ते जानकारी का उपयोग अकादमिक उद्देश्य के लिए किया जा रहा हो, लेकिन व्यावसायिक उपयोग के लिए नहीं। आईसीएआर को देय क्रेडिट लाइन दी जानी चाहिए जहां सूचना का उपयोग किया जाएगा।