Vol. 47 No. 4 (2026): जुलाई-अगस्त 2026
जैव विविधता विशेषांक
भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (भाकृअनुप) के 98वें स्थापना दिवस के अवसर पर प्रस्तुत फल-फूल पत्रिका का जुलाई–अगस्त 2026 अंक "जैव विविधता विशेषांक" के रूप में प्रकाशित किया जा रहा है। यह विशेषांक कृषि एवं बागवानी जैव विविधता के संरक्षण, संवर्धन और सतत उपयोग के महत्व को रेखांकित करता है तथा भविष्य की खाद्य एवं पोषण सुरक्षा में इसकी भूमिका को उजागर करता है।
इस अंक में फल, सब्जी एवं बागवानी फसलों की आनुवंशिक विविधता, देसी एवं पारंपरिक किस्मों का संरक्षण, भौगोलिक संकेतक (GI) फलों का महत्व, अल्प दोहित फसलों की संभावनाएं, सामुदायिक बीज बैंक, मूल्यवर्धन, जलवायु-अनुकूल बागवानी, महिला कृषकों की भूमिका तथा कृषि जैव विविधता से जुड़े अनेक समसामयिक विषयों पर विशेषज्ञों के लेख शामिल किए गए हैं। साथ ही सफल नवाचारों, उन्नत किस्मों और वैज्ञानिक तकनीकों के माध्यम से यह बताया गया है कि जैव विविधता केवल प्राकृतिक धरोहर ही नहीं, बल्कि किसानों की आय, पोषण सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण और आत्मनिर्भर कृषि का भी मजबूत आधार है।
यह विशेषांक शोधकर्ताओं, कृषि वैज्ञानिकों, विद्यार्थियों, विस्तार कार्यकर्ताओं, उद्यमियों तथा प्रगतिशील किसानों के लिए उपयोगी एवं ज्ञानवर्धक सामग्री का संकलन है। हमें विश्वास है कि यह अंक कृषि जैव विविधता के संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने, स्थानीय आनुवंशिक संसाधनों के महत्व को समझने तथा टिकाऊ कृषि एवं बागवानी विकास को प्रोत्साहित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।