पोषण स्मार्ट गांवों में सुलभ पौष्टिक आहार

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लेखक

  • एस.आर.के. सिंह भाकृअनुप-कृषि प्रौद्योगिकी अनुप्रयोग अनुसंधान संस्थान, जबलपुर
  • अजय राउत भाकृअनुप-कृषि प्रौद्योगिकी अनुप्रयोग अनुसंधान संस्थान, जबलपुर
  • वर्षा श्रीवास्तव भाकृअनुप-कृषि प्रौद्योगिकी अनुप्रयोग अनुसंधान संस्थान, जबलपुर
  • द्विपायन बर्धन भाकृअनुप-कृषि प्रौद्योगिकी अनुप्रयोग अनुसंधान संस्थान, जबलपुर
  • हरीश एम.एन भाकृअनुप-कृषि प्रौद्योगिकी अनुप्रयोग अनुसंधान संस्थान, जबलपुर
  • अनुपम मिश्रा भाकृअनुप-कृषि प्रौद्योगिकी अनुप्रयोग अनुसंधान संस्थान, जबलपुर
  • यू.एस. गौतम भाकृअनुप-कृषि प्रौद्योगिकी अनुप्रयोग अनुसंधान संस्थान, जबलपुर

सार

आज पौष्टिक आहार मनुष्य की मूलभूत आवश्यकताओं में से एक है। भारत में खाद्य सुरक्षा होने के बाद भी पोषण सुरक्षा अभी तक चुनौतीपूर्ण है। पोषण साक्षरता की कमी, भोजन करने का उचित समय व समुचित मात्रा और स्वच्छता के अभाव के साथ पोषणयुक्त आहार प्राप्त करना कठिन कार्य है। भारत में पोषण संवेदनशीलता की समस्या केवल कैलोरीयुक्त आहार के सेवन से संबंधित नहीं है, बल्कि कम प्रोटीन और वसायुक्त आहार के साथ कार्बोहाइड्रेट आधारित आहार पर निर्भरता भी है। देश में कुपोषण की घटना अभी भी व्यापक है और बच्चे, किशोरी बालिकायें और महिलायें इससे ज्यादा प्रभावित हैं।

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प्रकाशित

2024-04-09