मार्च के मुख्य कृषि कार्य

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लेखक

  • राजीव कुमार सिंह भाकृअनुप-भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान, पूसा, नई दिल्ली-110012
  • कपिला शेखावत भाकृअनुप-भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान, पूसा, नई दिल्ली-110012
  • प्रवीण कुमार उपाध्याय भाकृअनुप-भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान, पूसा, नई दिल्ली-110012
  • एस.एस. राठौर भाकृअनुप-भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान, पूसा, नई दिल्ली-110012
  • आदित्य सिंह भाकृअनुप-भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान, पूसा, नई दिल्ली-110012

सार

खेती के दृष्टिकोण से यह मौसम महत्वपूर्ण है। इस माह रबी की पफसलें पककर तैयार हो जाती है। किसान इन्हें बेचकर अपनी तमाम जरूरतों को पूरा कर सकते हैं। देश के विभिन्न क्षेत्रों में कृषि विज्ञान मेले के आयोजन के लिए भी मौसम अच्छा है। इस समय ठंड कम होने लगती है और किसानों के पास कृषि मेला घूमने के लिए पर्याप्त समय होता है। मेले के कार्यक्रमों में उन्नत प्रजातियों एवं गुणवत्तायुक्त बीजों के बारे में वैज्ञानिकों से उनके बारे में चर्चा कर सकते हैं। मार्च माह में अवस्था में आने लगती हैं। समय पर बोई गयी राई-सरसों की कटाई इस माह के प्रथम पखवाड़े में होने लगती है। इसी प्रकार गेहूं, जौ, मसूर, चना, मटर, राई-सरसों, अलसी, गन्ना, आलू की फसलें भी कटाई के लिए तैयार होने लगती हैं। गेहूं में भी दाने का पूर्ण भराव और दाना सख्त होने लगता है। बरसीम से बीज उत्पादन करना है तो भी इस माह में विशेष सावधानियां रखनी पड़ेंगी, जिससे अधिकतम उत्पादकता के साथ-साथ,
उच्च गुणवत्ता वाला बीज प्राप्त किया जा सकें। बसंतकालीन मक्का, गन्ना के साथ ही ग्रीष्मकालीन दलहनी पफसलों की बुआई के लिए यह उपयुक्त समय होता है।

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प्रकाशित

2024-04-09