कृषि में बढ़ता ड्रोन का महत्व
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आधुनिक खेती##common.commaListSeparator## आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस##common.commaListSeparator## कस्टम हायरिंग सेंटर##common.commaListSeparator## ड्रोन तकनीकीसार
खेती में आधुनिक कृषि यंत्रों की महत्ता बढ़ती ही जा रही है। दुनिया भर में कृषि कार्यों के लिए आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस और ड्रोन का उपयोग बढ़ रहा है। देश में कृषि क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिये ड्रोन का इस्तेमाल किया जा रहा हैं । जिससे की कृषि में सरलता और सुगमता लाई जा सके। इसके इस्तेमाल से किसानों को काफी मदद मिल सकती है। फसल मूल्यांकन, भूमि अभिलेखों के डिजिटलीकरण, कीटनाशकों और पोषक तत्त्वों के छिड़काव के लिये ड्रोन के उपयोग को बढ़ावा दिया जा रहा हैं । ड्रोन से बड़े क्षेत्रफल में महज कुछ मिनटों में कीटनाशक, खाद या दवाओं का छिड़काव किया जा सकता है। इससे न सिर्फ लागत में कमी आएगी, बल्कि समय की बचत भी होगी। ड्रोन से सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि सही समय पर खेतों में कीट प्रबंधन किया जा सकेगा। ड्रोन एक मानव रहित छोटा विमान है जिसे दूर से नियंत्रित किया जा सकता है या यह स्वायत्तरूप से उड़ सकता है। इसमें एक जीपीएस आधारित नेविगेशन सिस्टम, कई तरह केसेंसर और एक नियंत्रक होता है। यह बैटरी आधारित ऊर्जा पर काम करता है। नियंत्रक से इसे उड़ाया और नियंत्रित किया जाता है। वर्तमानबजट में खेती में ड्रोन तकनीकी को बढ़ावा देने के लिए वित्तीय दिशानिर्देशों को अधिसूचित किया गया है। पौधा संरक्षण कृषि विभाग के द्वारा किसानों को अनुदानित दर पर ड्रोन से कीटनाशी छिड़काव की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। ड्रोन से छिड़काव पर प्रति एकड़ 50 प्रतिशत अधिकतम 240 रू अनुदान देय होगा। एक किसान को अधिकतम 10 एकड़ हेतु अनुदान देय होगा। ड्रोन से किसानों को कीटनाशी छिड़काव हेतु राज्य स्तर से चार ड्रोन सेवा प्रदाता का चयन किया गया है।
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