मुर्गीपालन से कमाई
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मुर्गीपालन भूमिहीन लघु एवं सीमान्त कृषकों के लिए आय का एक उत्तम विकल्प है। इसे कृषक व्यवसाय के रूप में अपनाकर अपनी आय में वृ(ि कर सकते हैं। मुर्गीपालन में लगने वाली लागत कम, जबकि मुनापफा कई गुना ज्यादा होता है। कुक्कुट मांस मानव आहार को संतुलित करने के लिए उच्च गुणवत्ता वाले प्रोटीन, खनिज और विटामिन का एक महत्वपूर्ण स्रोत है। कृषक इसे छोटे स्तर पर अहाता मुर्गीपालन से शुरू कर बड़े व्यावसायिक स्तर पर मुर्गी पफार्म बनाकर अपनी आय को बढ़ा सकते हैं। प्रस्तुत सपफलता गाथा में एक भूमिहीन कृषक श्री पवन का अनुभव है। इसमें वह कृषि विज्ञान केन्द्र, भरारी, झांसी के वैज्ञानिकों के मार्गदर्शन में बैकयार्ड मुर्गीपालन की शुरूआत कर वर्तमान में 400 पक्षियों की क्षमता का शेड बनाकर मुर्गीपालन कर आय अर्जित कर रहे हैं तथा उचित प्रकार से अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहे हैं।
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