कृषि में जैव प्रौद्योगिकी

442 / 73

लेखक

  • नीलेश कपूर
  • अनिल सिरोही
  • रविंद्र कुमार
  • आरजू

सार

सभी जीवों में खुद को बदलते पर्यावरण के अनुकूल बनाने के लिए प्राकृतिक साधनों के माध्यम से सुधार करने की क्षमता है। इसमें सुधार आने में सैकड़ों वर्ष लगते हैं। इसलिए अपनी मनपसंद और विभिन्न प्रकार की फसल उगाने के लिए मनुष्य ने जैव प्रौद्योगिकी के साधनों का उपयोग किया। जैव प्रौद्योगिकी, जीवाणुओं की सहायता से किसी उत्पाद को बनाने या संशोधित करने में, पेड़-पौधों या पशुओं में सुधार करने में या सूक्ष्मजीवों का विकास करने में सक्षम है।

##plugins.themes.default.displayStats.downloads##

##plugins.themes.default.displayStats.noStats##

##submission.downloads##

प्रकाशित

2023-02-17