मृदा परीक्षण से बढ़ाएं उत्पादकता

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लेखक

  • ज्योति बाला Indira Gandhi Krishi Vishwavidyalaya, Raipur, Chhattisgarh

सार

मृदा परीक्षण एक महत्वपूर्ण रासायनिक प्रक्रिया है, जिसके माध्यम से मिट्टी में उपस्थित पोषक तत्वों की मात्रा और गुणवत्ता का निर्धारण किया जाता है। यह प्रक्रिया उचित उर्वरक चयन, उनकी मात्रा निर्धारण तथा मृदा सुधार के लिए वैज्ञानिक आधार प्रदान करती है। इससे फसल उत्पादन में वृद्धि होती है, लागत घटती है और पोषक तत्वों की संतुलित आपूर्ति सुनिश्चित होती है। मृदा परीक्षण से कृषकों को मिट्टी की वास्तविक आवश्यकताओं की जानकारी मिलती है, जिससे फसल पूर्व प्रबंधन अधिक प्रभावी हो पाता है।

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    This is Dr. Jyoti Bala, Assistant Professor, Soil Science, Indira Gandhi Krishi Vishwavidyalaya, Raipur, C.G.

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प्रकाशित

2026-04-13