बायोफोर्टिफाइड फसलों की बढ़ती महत्ता

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लेखक

  • अनुज कुमार
  • कमालुद्दीन
  • विजय शर्मा
  • मुकुल कुमार
  • धर्मेन्द्र कुमार जंघेल

सार

पौधों की आनुवंशिक संरचना को बदलकर इसकी उत्पादकता को अधिक स्वास्थ्यकर एवं पौष्टिक बनाना ही जैव-सुदृढ़ीकरण या बायोपफोर्टिपिफकेशन कहलाता है। जैव सुदृढ़ीकरण से मुख्य खाद्य पफसलों के पोषण में सूक्ष्म तत्वों की मात्रा को बढ़ाने के लिये तुलनात्मक रूप से लागत प्रभावी और दीर्घकालिक साधन उपलब्ध करवाने में सुधार किया जा सकता है। जैव सुदृढ़ीकरण द्वारा कुपोषित ग्रामीण आबादी, जिनके पास खाद्य पदार्थों और पूरक आहार के सीमित स्रोत हैं, उनको व्यावहारिक साधन प्रदान किये जा सकते हैं।

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प्रकाशित

2023-02-17