प्रचलित होती बहुपरत खेती
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भारत वर्षभर कृषि उत्पादन और कृषि-जलवायु परिस्थितियों की एक विस्तृत शृंखला के साथ एक विविधतापूर्ण देश है। कापफी बड़ी आबादी आजीविका के लिए या आय के स्रोत के रूप में कृषि पर निर्भर है। तेजी से शहरीकरण, राजमार्ग निर्माण और उत्पादक भूमि में गिरावट के परिणामस्वरूप पफसल कटाव, मृदा लवणता और पानी की निकासी बढ़ रही है। इसके अलावा,
मानव-सह-भूमि अनुपात बढ़ रहा है। बहुपरत खेती एक नवीन तकनीक है, जिसका किसानों की आय बृद्धि करने में एक महत्वपूर्ण योगदान साबित होगा।
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