बकरियों में थनैला रोग
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मानव सेहत के लिए बकरियों के दूध की गुणवत्ता की जानकारी बहुत तेजी से आम जनता तक पहुंच रही है। लोग पहले बकरी के दूध का सेवन करने से परहेज करते थे। अब उसकी गुणवत्ता के बारे में लोग जागरूक होने लगे हैं। यही कारण है कि बकरी के दूध की मांग दिन-प्रतिदिन बढ़ रही है। इसी को देखते हुए भारत के विभिन्न राज्यों में कुछ लोग बकरीपालन का काम आधुनिक तरीके से कर रहे हैं। इस आधुनिक तरीके से बकरीपालन में बकरीपालकों को कुछ परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इनमें प्रमुख समस्या हैं थनैला रोग, जिसको आम लोग अपनी भाषा में थनों का जहर भी कहते हैं। यह बैक्टीरिया, वायरस, माइक्रोप्लाजमा, फंगस यीस्ट आदि के जीवाणु का संक्रमण थनों में होने से होता है। यह जीवाणु ज्यादातर दूध निकलने वाले द्वार से थनों में प्रवेश करके थनैला रोग करता है।
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