रागी में झुलसा रोग का समेकित प्रबंधन
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रागी एक पोषक तत्वों से भरपूर पारंपरिक अनाज है, जो मुख्यतः भारत के दक्षिणी एवं मध्य राज्यों में सीमांत भूमि पर उगाया जाता है। यह न केवल खाद्य सुरक्षा बल्कि पोषण सुरक्षा सुनिश्चित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। हालांकि, रागी की उत्पादकता पर ब्लास्ट रोग एक गंभीर चुनौती के रूप में उभरता है, जो पत्तियों, गर्दन तथा बालियों को संक्रमित कर 50–80% तक उपज हानि पहुँचा सकता है।
यह लेख रोगजनक की पहचान, लक्षण, अनुकूल पर्यावरणीय परिस्थितियाँ, रोग चक्र तथा इसके आर्थिक प्रभावों का समग्र एवं विश्लेषणात्मक विवरण प्रस्तुत करता है। इसके साथ ही, रोग प्रबंधन के लिए प्रतिरोधी किस्मों का चयन, उपयुक्त सांस्कृतिक विधियाँ, रासायनिक नियंत्रण तथा जैविक उपायों पर आधारित एकीकृत रणनीतियाँ भी सुझाई गई हैं। प्रारंभिक पहचान तथा समन्वित प्रबंधन हस्तक्षेप इस रोग के प्रभाव को न्यूनतम करने में अत्यंत सहायक सिद्ध हो सकते हैं।
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