स्क्रब टाइफस रोग से बचाव

27 / 44

लेखक

  • Himani Sharma Himani ckxokuh ,oa okfudh egkfo|ky;] MkW- okbZ- ,l- ijekj ckxokuh ,oa okfudh fo’ofo|ky;]lksyu] ukS.kh&173230] fgekpy izns’k]
  • NAWAL KISHOR SINGH Nawal ICAR-VPKAS, Almora, Uttarakhand

##semicolon##

VkbQl##common.commaListSeparator## twuksfVd jksx##common.commaListSeparator## fjdsVfl;k##common.commaListSeparator## fppM+h

सार

स्क्रब टाइपफस एक उभरता हुआ संक्रामक (जुनोटिक) रोग है, जो ओरिएंटिया त्सुत्सुगामुषी नामक बैक्टीरिया के कारण होता है। किसानों में स्क्रब टाइपफस का प्रसार मुख्यतः चिगर्स ;सूक्ष्म माइट्सद्ध के संपर्क में आने से होता है, जो खेतों एवं झाड़ियों में पनपते हैं। विश्व स्तर पर लगभग एक अरब लोग इस रोग के जोखिम में हैं तथा प्रतिवर्ष लगभग दस लाख लोग इससे संक्रमित होते हैं। स्क्रब टाइपफस के परिणामस्वरूप शरीर के कई महत्वपूर्ण अंग गंभीर रूप से प्रभावित होकर कार्य करना बंद कर सकते हैं। भारत में प्रतिवर्ष इस रोग के अनेक मामले सामने आते हैं। यह भी पाया गया है कि समय पर उचित उपचार न मिलने पर इससे मृत्यु दर अधिक हो सकती है। इस लेख का मुख्य उद्देश्य स्क्रब टाइपफस रोग के प्रति जागरूकता उत्पन्न करना है, जिसमें इसके कारण, महामारी विज्ञान, निदान एवं बचाव से संबंधित पहलुओं का उल्लेख किया गया है। इस रोग के प्रभावी प्रबंधन के लिए इसकी रोकथाम, प्रारंभिक पहचान तथा समय पर उपचार जैसे विभिन्न पहलुओं को समझना अत्यंत आवश्यक है।

##plugins.themes.default.displayStats.downloads##

##plugins.themes.default.displayStats.noStats##

##submission.downloads##

प्रकाशित

2026-03-20