जैविक खाद उत्पादन की उन्नत विधि
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कम्पोस्टिंग , जमुहार विधि, ट्राइकोडर्मा हार्ज़ियानम , जिप्समसार
जमुहार विधि, IBS रैपिड कम्पोस्टिंग पर आधारित एक नवीन एवं प्रभावी कम्पोस्टिंग तकनीक है। इस विधि का विकास नारायण कृषि विज्ञान संस्थान, गोपाल नारायण सिंह विश्वविद्यालय, जमुहार (रोहतास, बिहार) में किया गया है, इसी कारण इसे “जमुहार विधि” नाम दिया गया है।
इस विधि में ट्राइकोडर्मा हार्ज़िनियम कवक तथा जिप्सम के उपयोग से चावल, गेहूँ, ज्वार, बाजरा, मक्का, सरसों आदि के भूसे एवं पशु खाद जैसे जैविक अपशिष्टों को मात्र 21–35 दिनों में गुणवत्तापूर्ण कम्पोस्ट में परिवर्तित किया जाता है।
प्राप्त कम्पोस्ट पौधों के आवश्यक पोषक तत्वों से समृद्ध होता है तथा मृदा स्वास्थ्य में सुधार करने में सहायक होता है। ट्राइकोडर्मा हार्ज़िनियम एक लाभकारी कवक है, जो सेल्यूलोज के अपघटन को तीव्र करता है तथा सूक्ष्मजीवी गतिविधि को बढ़ाकर कम्पोस्ट की गुणवत्ता एवं रोग-दमन क्षमता को सुदृढ़ बनाता है। वहीं, जिप्सम का उपयोग इस कवक की वृद्धि के लिए अनुकूल वातावरण प्रदान करता है।
इस प्रकार, जमुहार विधि एक त्वरित, किफायती एवं पर्यावरण-अनुकूल कम्पोस्टिंग तकनीक के रूप में उभरती है।
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