सब्जी उत्पादन से कृषि विविधीकरण
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बुन्देलखंड में कृषि जलवायु व पफसल उत्पादन एक-दूसरे पर पूर्णतः निर्भर रहते हैं। यदि जलवायु साथ देती है, तो उत्पादन होगा अन्यथा बिल्कुल नहीं। इसके पीछे असिंचित परिस्थितियां, भारी मृदा, 03-48 डिग्री सेल्सियस तक तापमान आदि कारण हैं अधिकांश पफसलों को प्रभावित कर देते हैं। सामाजिक परिस्थितियां भी कृषि के अनुकूल नहीं रहती हैं। उपरोक्त सभी तथ्यों को ध्यान में रखते हुए बुन्देलखंड, जिसमें चित्राकूट, बांदा, महोबा, हमीरपुर, ललितपुर, झांसी एवं जालौन जनपद आते हैं, वहां बागवानी व सब्जी उत्पादन के माध्यम से कृषि विविधीकरण को प्रोत्साहित किया जाए, तो आर्थिक सशक्तिकरण सम्भव हो सकता है।
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