चारा चुकंदर - दुधारू पशुओं के लिए मीठा सोना और श्वेत क्रांति का नया आधार
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चारा चुकंदर##common.commaListSeparator## डेयरी पालन##common.commaListSeparator## लवण सहनशीलतासार
प्रस्तुत दस्तावेज़ चारा चुकंदर को भारतीय डेयरी किसानों के लिए 'मीठा सोना' और गर्मियों (मार्च-जून) में हरे चारे की कमी का क्रांतिकारी समाधान बताता है । यह फसल लवणीय मिट्टी और खारे पानी में भी 150-200 टन प्रति हेक्टेयर की बंपर पैदावार देने में सक्षम है । लेख में उन्नत खेती की तकनीकों का वर्णन है, जिसमें अक्टूबर-नवंबर में मेड़ पर बुवाई और 'हार्ट रॉट' रोग से बचाव के लिए बोरॉन का प्रयोग शामिल है । पोषण की दृष्टि से, यह मक्का के समान उच्च ऊर्जा प्रदान करता है, जिससे दूध उत्पादन में 10-15% की वृद्धि होती है और पशु आहार की लागत (30-40 पैसे/किलो) कम होती है । हालांकि, पशुओं को 'एसिडोसिस' और 'चोकिंग' (गले में फंसना) से बचाने के लिए इसे हमेशा काटकर और धीरे-धीरे सूखे चारे के साथ मिलाकर खिलाने की चेतावनी दी गई है
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