जीरो बजट आधारित प्राकृतिक खेती
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प्राकृतिक खेती ##common.commaListSeparator## टिकाऊ खेतीसार
भारत की कृषि वर्तमान समय में मृदा की उर्वरता में कमी, जल संसाधनों का क्षरण, रासायनिक इनपुट पर बढ़ती निर्भरता, उत्पादन लागत में वृद्धि तथा जलवायु परिवर्तन जैसी गंभीर चुनौतियों से जूझ रही है। इन परिस्थितियों में ज़ीरो बजट प्राकृतिक खेती (ZBNF) एक व्यवहार्य, टिकाऊ और कम लागत वाली कृषि प्रणाली के रूप में उभरकर सामने आई है। यह पद्धति प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण, स्थानीय इनपुट के उपयोग, मृदा-जीव विविधता के संवर्धन तथा किसानों की आय में वृद्धि पर केंद्रित है।
ज़ीरो बजट प्राकृतिक खेती के चार प्रमुख स्तंभ—बीजामृत, जीवामृत, आच्छादन (मल्चिंग) और वाफसा—मृदा स्वास्थ्य को पुनर्जीवित करते हैं, जल उपयोग दक्षता बढ़ाते हैं तथा फसलों की रोग-प्रतिरोधक क्षमता में सुधार लाते हैं। रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों के विकल्प के रूप में प्राकृतिक इनपुट अपनाने से उत्पादन लागत लगभग शून्य के निकट रहती है, जिससे छोटे और सीमांत किसानों की आर्थिक निर्भरता घटती है।
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