बीज अंकुरण परिक्षण: किसान स्वयं करें, कम खर्च में सही निर्णय लें

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लेखक

  • कल्याणी कुमारी Senior Scientist
  • कल्याणराव ICAR-NISST, Mau
  • पवित्रा वी.
  • अंजनी कुमारी सिंह
  • संजय कुमार

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गुणवत्ता ##common.commaListSeparator## बीज ##common.commaListSeparator## अंकुरण##common.commaListSeparator## परिक्षण

सार

कृषि में फसल की सफलता का सबसे पहला और सबसे महत्वपूर्ण आधार बीज की गुणवत्ता होती है। किसान की पूरी मेहनत, लागत और फसल की सफलता इस बात पर निर्भर करती है कि बोया गया बीज कितना स्वस्थ और जीवित है। चाहे कितनी भी अच्छी खाद, सिंचाई और तकनीक का उपयोग कर लिया जाए, यदि बीज कमजोर है तो अपेक्षित उत्पादन नहीं मिल सकता। अक्सर किसान यह मान लेते हैं कि बीज ठीक होगा, लेकिन खेत में बोने के बाद जब पौधे कम निकलते हैं, तब नुकसान का एहसास होता है। यदि बीज की अंकुरण क्षमता कम हो, तो खेत में पौधों की संख्या घट जाती है, जिससे उत्पादन पर सीधा असर पड़ता है। इस समस्या का सबसे सरल समाधान है – बीज अंकुरण परीक्षण। यही कारण है कि बीज अंकुरण परीक्षण को कृषि की सबसे महत्वपूर्ण प्रक्रिया माना जाता है। ICAR–राष्ट्रीय बीज विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संस्थान, मऊ (उत्तर प्रदेश) में किए गए एक शोध अध्ययन में यह सिद्ध किया गया कि अख़बार और जूट (टाट) की बोरी जैसे सस्ते और आसानी से उपलब्ध साधनों से भी बीज अंकुरण परीक्षण सफलतापूर्वक किया जा सकता है।

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    Senior Scientist, Seed Science & Technology

  • पवित्रा वी.

    Scientist, Agriculture Extension

  • अंजनी कुमारी सिंह

    Principal Scientist, Genetics & Plant Breeding

  • संजय कुमार

    Retired Principal Scientist & Former Director, ICAR-NISST, Mau, Genetics & Plant Breeding

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प्रकाशित

2026-06-05

अंक

खंड

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