जैविक खाद उत्पादन की उन्नत विधि

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लेखक

  • अरूण शंकर नारायण कृषि विज्ञान संस्थान गोपाल नारायण सिहं विश्वविद्यालय, जमुहार, रोहतास-821305 (बिहार)
  • के.के. मिश्र नारायण कृषि विज्ञान संस्थान गोपाल नारायण सिहं विश्वविद्यालय, जमुहार, रोहतास-821305 (बिहार)
  • धर्मराज सिंह नारायण कृषि विज्ञान संस्थान गोपाल नारायण सिहं विश्वविद्यालय, जमुहार, रोहतास-821305 (बिहार)
  • सती शंकर सिंह नारायण कृषि विज्ञानसंस्थान गोपाल नारायण सिहं विश्वविद्यालय, जमुहार, रोहतास-821305 (बिहार)

सार

जैविक खाद का सही उपयोग न केवल खेती की लागत को कम करता है, बल्कि सतत कृषि को भी बढ़ावा देता है। इससे मृदा अपरदन में, जल संरक्षण, मृदा तथा पौधों
की स्वास्थ्य वृद्धि में सहायता मिलती है। इसके साथ ही, जैविक खाद जलवायु परिवर्तन से निपटने में भी सहायक है। आईबीएस तीव्र जैविक खाद तकनीक में पादप अपशिष्ट
को ट्राइकोडर्मा हार्जिनियम कवक से उपचारित कर 21-45 दिनों में उच्च गुणवत्ता वाली जैविक खाद तैयार की जाती है। इसी तकनीक पर आधारित जमुहार विधि में प्लाईवुड
कैबिनेट का उपयोग करके खाद निर्माण किया जाता है। इससे सामग्री और मानव संपर्क के बीच सुरक्षा बनी रहती है। यह विधि नारायण कृषि विज्ञान संस्थान, गोपाल नारायण सिंह विश्वविद्यालय, जमुहार, सासाराम, रोहतास, बिहार में सपफलतापूर्वक अपनाई जा रही है और उत्कृष्ट पफसल परिणाम दे रही है।

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प्रकाशित

2026-03-20