सूक्ष्म शैवाल से लिपिड का निष्कर्षण
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सूक्ष्म शैवाल बहुत छोटे एककोशिकीय जीव हैं जो प्रकाश संश्लेषण के माध्यम से सौर ऊर्जा को रासायनिक ऊर्जा में बदलने में सक्षम हैं। इनमें कई जैव सक्रिय यौगिक होते हैं जिनका व्यावसायिक तौर पर उपयोग किया जा सकता है। सूक्ष्म शैवाल जैव ईंधन का अक्षय स्रोत हैं। बायो गैस स्लरी आधारित ग्रोथ मीडिया का उपयोग करके सूक्ष्म शैवाल बायोमास का उत्पादन किया जाता है। सूक्ष्म शैवाल के उत्पादन के बाद सूक्ष्म शैवाल को इलेक्ट्रोलाइटिक फ्रलोक्यूलेशन विधि द्वारा इकट्ठा करते हैं। पिफर सूक्ष्म शैवाल बायोमास को सुखाते हैं। सूखे सूक्ष्म शैवाल से लिपिड प्राप्त किया जा सकता है। लिपिड प्राप्त करने के लिए विलायक निष्कर्षण विधि का प्रयोग किया गया। इस विधि के लिए प्रयुक्त विलायक एन-हेक्सेन है। 2 घंटे की अवधि के लिए 70 डिग्री सेल्सियस तापमान पर लिपिड निष्कर्षण किया गया। विलायक से लिपिड को 70 डिग्री सेल्सियस के ऑपरेटिंग तापमान पर रोटरी वाष्पीकरण का उपयोग करके अलग किया गया। लगभग 65 प्रतिशत लिपिड विलायक प्रक्रिया के दौरान निकाला जा सकता है। प्राप्त विलायक का अगले निष्कर्षण कार्यों में पुनः उपयोग किया जा सकता है। सूक्ष्म शैवाल की लिपिड मात्रा 16 से 18 प्रतिशत पाई गयी।
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