खाद्यान्न फसलों में सतुलित उर्वरक प्रबंधन
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भारत एक कृषि प्रधान देश है, जहाँ गेहूँ, धान, मक्का, जौ तथा विभिन्न मोटे अनाज देश की खाद्य सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। बढ़ती जनसंख्या और सीमित कृषि भूमि के कारण प्रति इकाई क्षेत्र से अधिक उत्पादन प्राप्त करना समय की आवश्यकता है। इसके लिए उन्नत किस्मों, सिंचाई तथा आधुनिक कृषि तकनीकों के साथ-साथ उर्वरकों का संतुलित उपयोग अत्यंत आवश्यक है। यदि उर्वरकों का प्रयोग वैज्ञानिक ढंग से न किया जाए तो इससे न केवल उत्पादन प्रभावित होता है, बल्कि मृदा की उर्वराशक्ति और पर्यावरण पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।
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