देसी गोवंश आधारित लाभकारी डेरी व्यवसाय
84 / 209##semicolon##
डेयरी, ग्रामीण विकास, उद्यमिता विकास, महिला समृद्धिसार
डेयरी की ग्रामीण क्षेत्रों में पोषण सुरक्षा, रोजगार, गरीबी उन्मूलन एवं आर्थिक समृद्धि में महत्वपूर्ण भूमिका है। हमारे पास विशाल पशु सम्पदा है, पशुपालन प्रौद्योगिकी का उपयोग करके विश्व की खुली अर्थव्यवस्था में हमारा डेयरी क्षेत्र किसानों की आय बढ़ाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। दुग्ध उत्पादन, प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन में महिलाओं/युवाओं की भूमिका बढ़ रही है, इन्हें डेयरी उद्यमी बनाने के लिए उनमें उद्यमिता का विकास किये जाने की आवश्यकता है, जिसमें कृषि विज्ञान केन्द्र, डेरी अनुसंधान संस्थान, कृषि विश्वविद्यालय, पशुपालन विभाग आदि और अधिक सार्थक भूमिका निभा सकते हैं।
##plugins.themes.default.displayStats.downloads##
##submission.downloads##
प्रकाशित
अंक
खंड
##submission.license##
##submission.copyrightStatement##
##submission.license.cc.by-nc-nd4.footer##खेती में प्रकाशित लेखों का कॉपीराइट भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के पास निहित है, जिसे भारत या विदेश में किसी भी संगठन के साथ किसी भी समझौते में प्रवेश करने का अधिकार है, जो रिप्रोग्राफी, फोटोकॉपी, भंडारण और सूचना के प्रसार में शामिल है। इन पत्रिकाओं में सामग्री का उपयोग करने में परिषद को कोई आपत्ति नहीं है, बशर्ते जानकारी का उपयोग अकादमिक उद्देश्य के लिए किया जा रहा हो, लेकिन व्यावसायिक उपयोग के लिए नहीं। आईसीएआर को देय क्रेडिट लाइन दी जानी चाहिए जहां सूचना का उपयोग किया जाएगा।