गेहूं का बीज उत्पादन

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लेखक

  • राकेश कुमार के.के. विश्वविद्यालय, बेरौटी, बिहारशरीफ, नालंदा-803115 (बिहार)
  • अविनाश कुमार के.के. विश्वविद्यालय, बेरौटी, बिहारशरीफ, नालंदा-803115 (बिहार)
  • बाल कृष्ण के.के. विश्वविद्यालय, बेरौटी, बिहारशरीफ, नालंदा-803115 (बिहार)
  • हंसराज हंस के.के. विश्वविद्यालय, बेरौटी, बिहारशरीफ, नालंदा-803115 (बिहार)
  • धीरज कुमार सिंह के.के. विश्वविद्यालय, बेरौटी, बिहारशरीफ, नालंदा-803115 (बिहार)

सार

गेहूं, वैश्विक स्तर पर सबसे व्यापक रूप से एवं भारत में धान के बाद दूसरी महत्वपूर्ण खाद्य पफसल है। यह विश्वभर में 17 प्रतिशत भूभाग में उगाई जाती है। यह पफसल 40 प्रतिशत मानव आबादी को भोजन उपलब्ध करवाती है एवं 20 प्रतिशत आबादी की कुल खाद्य कैलोरी और प्रोटीन का एक महत्वपूर्ण स्रोत भी है। भारत में गेहूं की औसत उत्पादकता (3.03 टन प्रति हैक्टर) वैश्विक उत्पादकता (3.26 टन प्रति हैक्टर) से कम है, जिसका एक मुख्य कारण है किसानों को गुणवत्तापूर्ण बीज उपलब्ध न हो पाना।

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प्रकाशित

2023-03-17