जलवायु अनुकूल मकचरी की वैज्ञानिक खेती
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मकचरी (Tiosinte) एक उभरती हुई जलवायु-सहिष्णु बहुकटाई (मल्टी-कट) चारा फसल है, जो अपनी उच्च हरित जैवभार उत्पादन क्षमता, उत्कृष्ट पुनर्वृद्धि (रीग्रोथ) तथा अधिक कल्ले (टिलर) देने की क्षमता के कारण लोकप्रियता प्राप्त कर रही है। पारंपरिक चारा मक्का की तुलना में यह जैविक एवं अजैविक तनावों, जैसे सूखा, अस्थायी जलभराव तथा फॉल आर्मीवर्म के प्रकोप के प्रति अधिक सहनशील है। इसके चारे में 9–12% क्रूड प्रोटीन (CP) तथा पर्याप्त मात्रा में रेशा (फाइबर) होता है, जिससे यह पशुओं के लिए अत्यंत पौष्टिक चारा सिद्ध होता है। समय पर बुवाई, संतुलित पोषक तत्व प्रबंधन, प्रभावी खरपतवार नियंत्रण तथा उचित अवस्था पर कटाई जैसी वैज्ञानिक कृषि तकनीकों को अपनाकर इससे लगभग 400–450 क्विंटल प्रति हेक्टेयर गुणवत्तापूर्ण हरा चारा प्राप्त किया जा सकता है। इसकी जलवायु सहनशीलता, उच्च उत्पादकता एवं पोषण गुणवत्ता इसे बदलती जलवायु परिस्थितियों में सतत चारा उत्पादन के लिए एक उपयुक्त विकल्प बनाती है।
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