कृषक समृद्धि की दिशा में खेत बचाओ अभियान
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कृषि भूमि संरक्षण, मृदा स्वास्थ्य, जल संरक्षण, सतत कृषि, किसान कल्याण, प्राकृतिक संसाधन, खाद्य सुरक्षा,सार
खेत बचाओ अभियान भारत सरकार के द्वारा कृषि भूमि, मृदा स्वास्थ्य और जल संसाधनों के संरक्षण
के उद्देश्य से सुरु की गई एक महत्वपूर्ण पहल है। कृषि भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ है तथा देश की बड़ी
जनसंख्या प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से कृषि पर निर्भर करती है। वर्तमान समय में बढ़ते शहरीकरण,
औद्योगीकरण, भूमि क्षरण, जलवायु परिवर्तन तथा प्राकृतिक संसाधनों के अत्यधिक दोहन के कारण कृषि क्षेत्र
अनेक चुनौतियों का सामना कर रहा है। इन चुनौतियों के समाधान के लिए खेत बचाओ अभियान किसानों को
जागरूक बनाने, टिकाऊ कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देने तथा कृषि संसाधनों के संरक्षण की दिशा में कार्य करता
है।
इस अभियान की शुरुआत 1 जून 2026 को मध्य प्रदेश के रायसेन जिले से की गई और इसे पूरे देश में
व्यापक स्तर पर संचालित किया गया। इस अभियान के अंतर्गत मृदा परीक्षण, जल संरक्षण, फसल
विविधीकरण, प्राकृतिक खेती, संतुलित उर्वरक उपयोग तथा आधुनिक कृषि तकनीकों के प्रसार पर विशेष बल
दिया गया। अभियान का उद्देश्य केवल कृषि भूमि को संरक्षित करना ही नहीं, बल्कि किसानों की आय में वृद्धि,
खाद्य सुरक्षा को सुदृढ़ करना तथा पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखना भी है। इस अभियान को सुचारू रूप से
किसानों, कृषि वैज्ञानिकों, कृषि विश्वविद्यालयों, कृषि विज्ञान केंद्रों, भारतीय कृषि अनुसंधान परिसद तथा
सरकारी संस्थाओं के संयुक्त प्रयासो से संपन्न किया गया ।
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