ताड़ उत्पादन से भरपूर संभावनाएं

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लेखक

  • महिपाल चौधरी भा.कृ.अ.प.-भारतीय मृदा एवं जल संरक्षण संस्थान, अनुसंधान केंद्र, बल्लारी-583104
  • अनुषा एम.एन भा.कृ.अ.प.-भारतीय मृदा एवं जल संरक्षण संस्थान, अनुसंधान केंद्र, बल्लारी-583104
  • बी. कृष्णा राव भा.कृ.अ.प.-भारतीय मृदा एवं जल संरक्षण संस्थान, अनुसंधान केंद्र, बल्लारी-583104
  • संजय सातपुते भा.कृ.अ.प.-भारतीय मृदा एवं जल संरक्षण संस्थान, अनुसंधान केंद्र, बल्लारी-583104

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पाम तेल तेलहन उत्पादन आत्मनिर्भरता सतत कृषि

सार

“पाम तेल विश्व की सर्वाधिक उत्पादक तिलहनी फसल है, जो प्रति इकाई क्षेत्रफल से सबसे अधिक खाद्य तेल उत्पादन करती है। भारत अपनी खाद्य तेल आवश्यकता का लगभग 55–60% आयात करता है, जिसमें पाम तेल का योगदान सबसे अधिक है। राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशन–पाम तेल (NMEO-OP) के माध्यम से देश में इसके क्षेत्रफल और उत्पादन को बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं ताकि आयात निर्भरता कम हो सके। यद्यपि पाम तेल की खेती आर्थिक रूप से लाभकारी है, इसके विस्तार में जल संसाधन, पर्यावरण संरक्षण तथा जैव विविधता से संबंधित चुनौतियों का संतुलित एवं वैज्ञानिक प्रबंधन आवश्यक है।

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प्रकाशित

2026-09-15