सितम्बर के मुख्य कृषि कार्य

74 / 81

लेखक

  • राजीव कुमार सिंह सस्य विज्ञान संभाग, भाकृअनुप-भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान, पूसा, नई दिल्ली-110012
  • अवनीश प्रकाश सिंह कृषि विभाग, दक्षिण बिहार केंद्रीय विश्वविद्यालय, गया (बिहार)
  • अंजली पटेल सस्य विज्ञान विभाग, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर-492012 (छत्तीसगढ़)
  • विनय उपाध्याय सस्य विज्ञान विभाग, काशी हिंदू विश्वविद्यालय, वाराणसी
  • कपिला शेखावत सस्य विज्ञान संभाग, भाकृअनुप-भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान, पूसा, नई दिल्ली-110012
  • आदित्य सिंह सस्य विज्ञान संभाग, भाकृअनुप-भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान, पूसा, नई दिल्ली-110012

सार

सितम्बर खरीफ फसलों, सब्जियों और बागवानी फसलों के प्रबंधन की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माह है। इस समय धान्य, दलहनी, तिलहनी, नकदी एवं चारा फसलें खेतों में बढ़वार की अवस्था में होती हैं, वहीं तोरिया की बुआई का उपयुक्त समय भी प्रारंभ हो जाता है। इस समय वर्षा और अधिक आर्द्रता के कारण फसलों में कीट एवं रोगों का प्रकोप बढ़ने की आशंका रहती है। ऐसे में समय पर सिंचाई, खरपतवार नियंत्राण, पोषक तत्व प्रबंधन तथा कीट-रोग नियंत्राण आवश्यक है। बदलती जलवायु और मौसम की अनिश्चितताओं को देखते हुए किसानों को तापमान, वर्षा एवं अन्य मौसम पूर्वानुमानों के आधार पर कृषि कार्यों की योजना बनानी चाहिए। मौसम आधारित कृषि परामर्श पूसा संस्थान के वेब पेज पर भी उपलब्ध हैं। प्रस्तुत लेख में सितम्बर माह के दौरान देश के विभिन्न कृषि क्षेत्रों में किए जाने वाले प्रमुख कृषि कार्यों की जानकारी दी गई है, ताकि किसान समय पर उचित सस्य प्रबंधन अपनाकर लागत में कमी और बेहतर उत्पादन सुनिश्चित कर सकें।

##plugins.themes.default.displayStats.downloads##

##plugins.themes.default.displayStats.noStats##

##submission.downloads##

प्रकाशित

2026-09-15