सितम्बर के मुख्य कृषि कार्य
74 / 81सार
सितम्बर खरीफ फसलों, सब्जियों और बागवानी फसलों के प्रबंधन की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माह है। इस समय धान्य, दलहनी, तिलहनी, नकदी एवं चारा फसलें खेतों में बढ़वार की अवस्था में होती हैं, वहीं तोरिया की बुआई का उपयुक्त समय भी प्रारंभ हो जाता है। इस समय वर्षा और अधिक आर्द्रता के कारण फसलों में कीट एवं रोगों का प्रकोप बढ़ने की आशंका रहती है। ऐसे में समय पर सिंचाई, खरपतवार नियंत्राण, पोषक तत्व प्रबंधन तथा कीट-रोग नियंत्राण आवश्यक है। बदलती जलवायु और मौसम की अनिश्चितताओं को देखते हुए किसानों को तापमान, वर्षा एवं अन्य मौसम पूर्वानुमानों के आधार पर कृषि कार्यों की योजना बनानी चाहिए। मौसम आधारित कृषि परामर्श पूसा संस्थान के वेब पेज पर भी उपलब्ध हैं। प्रस्तुत लेख में सितम्बर माह के दौरान देश के विभिन्न कृषि क्षेत्रों में किए जाने वाले प्रमुख कृषि कार्यों की जानकारी दी गई है, ताकि किसान समय पर उचित सस्य प्रबंधन अपनाकर लागत में कमी और बेहतर उत्पादन सुनिश्चित कर सकें।
##plugins.themes.default.displayStats.downloads##
##submission.downloads##
प्रकाशित
अंक
खंड
##submission.license##
##submission.copyrightStatement##
##submission.license.cc.by-nc-nd4.footer##खेती में प्रकाशित लेखों का कॉपीराइट भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के पास निहित है, जिसे भारत या विदेश में किसी भी संगठन के साथ किसी भी समझौते में प्रवेश करने का अधिकार है, जो रिप्रोग्राफी, फोटोकॉपी, भंडारण और सूचना के प्रसार में शामिल है। इन पत्रिकाओं में सामग्री का उपयोग करने में परिषद को कोई आपत्ति नहीं है, बशर्ते जानकारी का उपयोग अकादमिक उद्देश्य के लिए किया जा रहा हो, लेकिन व्यावसायिक उपयोग के लिए नहीं। आईसीएआर को देय क्रेडिट लाइन दी जानी चाहिए जहां सूचना का उपयोग किया जाएगा।