अक्टूबर के मुख्य कृषि कार्य
7 / 14सार
अक्तूबर माह, जिसे आश्विन-कार्तिक कहा जाता है, सर्दियों के आगमन का समय है और कृषि की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। इस माह किसानों को मौसम और तापमान में होने वाले बदलावों का ध्यान रखना चाहिए। इसी समय धान, मक्का, ज्वार व बाजरा जैसी धान्य फसलों; मूंग, उड़द, अरहर, लोबिया एवं ग्वार जैसी दलहनी पफसलों तथा सोयाबीन, मूंगपफली, तिल और अरंडी जैसी तिलहनी फसलों की अगेती किस्मों की कटाई व मड़ाई शुरू हो जाती है। साथ ही तोरिया, सरसों, चना, मटर, मसूर, गेहूं, जौ, शीतकालीन मक्का, शरदकालीन गन्ना, बरसीम, जई, सब्जी, बागवानी, पुष्प व सुगंधित पौधों की बुआई भी प्रारंभ होती है। किसान खेतों की सपफाई, जुताई, मृदा की तैयारी तथा आवश्यक कृषि सामग्री की व्यवस्था में जुट जाते हैं। भारतीय कृषि में रबी फसलों का महत्वपूर्ण योगदान है। रबी फसलों की अधिक उत्पादकता का श्रेय उन्नत किस्मों, बेहतर सस्य क्रियाओं तथा रोग व कीटों के अपेक्षाकृत कम प्रकोप को जाता है। कृषि उत्पादन में वृद्धि किसानों की मेहनत, कृषि वैज्ञानिकों द्वारा विकसित तकनीकों तथा उपलब्ध संसाधनों के उचित प्रबंधन का परिणाम है। वैज्ञानिक तकनीकों और विशेषज्ञों की सलाह अपनाकर किसान लागत घटाने के साथ उत्पादन और आय बढ़ा सकते हैं। इस माह के प्रमुख कृषि कार्यों का विवरण इस लेख में प्रस्तुत है।
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