चिकोरी है गुणवत्तायुक्त चारा

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लेखक

  • एल.आर. गुर्जर भाकृअनपु -केंद्रीय भेड़ एवं ऊन अनुसन्धान संसथान, अविकानगर
  • रंग लाल मीणा भाकृअनपु -केंद्रीय भेड़ एवं ऊन अनुसन्धान संसथान, अविकानगर
  • पवन कुमार माहौर भाकृअनपु -केंद्रीय भेड़ एवं ऊन अनुसन्धान संसथान, अविकानगर

सार

चिकारी का पौधा प्रोटीन, कार्बाेहाइड्रेट, खनिज और फाइटोबायोएक्टिव तत्वों की उच्च मात्रा के कारण पशु और मानव दोनों के लिये लाभदायक है। यह देखा गया है कि इस पौधा के कुछ फाइटोकाॅन्स्टिट्यूएंट्स में ऐसे गुण होते हैं, जो परजीवी या अन्य अवस्था में पशुओं को लाभ पहुंचाने का कार्य करते हैं। इस प्रकार के गुण चिकोरी को एक आदर्श, सस्ता, प्राकृतिक और टिकाऊ पशु उपयोगी पूरक या वैकल्पिक चारा सामग्री बनाते हैं। प्लांट सेकेंडरी मेटाबोलाइट्स की उच्च सांद्रता में विषाक्तता को रोकने के लिये जब चिकोरी (कासनी) को आहार में शामिल किया जाता है या जुगाली करने वालों पशुओं को चराया जाता है, तब सावधानी बरती जानी चाहिए।

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प्रकाशित

2023-05-12