हिमाचल प्रदेश में चारा फसलों के विकल्प
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प्राकृतिक चरागाह व घासनियां हिमाचल प्रदेश में पशुओं के चारे के प्राथमिक स्रोत हैं। ये 300 से 4800 मीटर ऊंचाई तक भिन्न जलवायु के साथ उपोष्णकटिबंधीय से अल्पाइन प्रकारों में फैले हुए हैं। इन चरागाहों व घासनियों में वानस्पतिक बृद्धि वर्ष में केवल तीन से पांच महीने की अवधि के लिए होती है। उचित प्रबंधन और सुधार की कमी के कारण इनकी उत्पादकता बहुत कम है। इसके परिणामस्वरूप वर्ष के शेष भाग में हरे चारे की भारी कमी हो जाती है।
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