बरसात में पशुओं की उचित देखभाल
69 / 93सार
भारत में बरसात का मौसम जून से सितंबर तक रहता है। मानसूनी बारिश का पशु स्वास्थ्य पर बड़ा प्रभाव देखा जाता है। इससे पशुपालकों को आर्थिक संकट से गुजरना पड़ सकता है। इसलिए बरसात के मौसम में सही समय पर उचित कार्रवाई एवं उपायों द्वारा पशुओं को स्वस्थ रखकर पशुपालक आर्थिक नुकसान से बच सकते हैं।
##plugins.themes.default.displayStats.downloads##
##submission.downloads##
प्रकाशित
अंक
खंड
##submission.license##
##submission.copyrightStatement##
##submission.license.cc.by-nc-sa4.footer##खेती में प्रकाशित लेखों का कॉपीराइट भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के पास निहित है, जिसे भारत या विदेश में किसी भी संगठन के साथ किसी भी समझौते में प्रवेश करने का अधिकार है, जो रिप्रोग्राफी, फोटोकॉपी, भंडारण और सूचना के प्रसार में शामिल है। इन पत्रिकाओं में सामग्री का उपयोग करने में परिषद को कोई आपत्ति नहीं है, बशर्ते जानकारी का उपयोग अकादमिक उद्देश्य के लिए किया जा रहा हो, लेकिन व्यावसायिक उपयोग के लिए नहीं। आईसीएआर को देय क्रेडिट लाइन दी जानी चाहिए जहां सूचना का उपयोग किया जाएगा।