समन्वित खरपतवार नियंत्रण

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लेखक

  • कन्हैया लाल मौर्या कृषि महाविद्यालय, बांदा कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, बांदा-210001 (उत्तर प्रदेश)
  • सूरज मिश्रा कृषि महाविद्यालय, बांदा कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, बांदा-210001 ;उत्तर प्रदेश
  • अमर सिंह गौड़ कृषि महाविद्यालय, बांदा कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, बांदा-210001 (उत्तर प्रदेश)
  • जगन्नाथ पाठक कृषि महाविद्यालय, बांदा कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, बांदा-210001 (उत्तर प्रदेश)
  • आलोक कुमार पाण्डेय आ.न.दे.कृ एवं प्रौ.वि.वि. अयोध्या (उत्तर प्रदेश)

सार

देश में खाद्यान्नों के उप-उत्पादों के लिये कई औद्योगिक इकाइयां कच्चे माल के लिये कृषि पर निर्भर हैं। इसलिए खाद्यान्न उत्पादन में वृद्धि करना अति आवश्यक है। खरपतवारों के कारण उत्पादकता में कमी के साथ-साथ फसल उत्पादों की गुणवत्ता में भी हानि देखी जाती है। अतः कृषकों द्वारा फसलों से भरपूर उपज लेने के लिये उन्नत बीज, संतुलित उर्वरक एवं सिंचाई प्रबंधन के साथ ही खरपतवारों का सही समय पर प्रबंधन करना भी अति आवश्यक है।

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प्रकाशित

2023-07-04