कैसे बढ़ाएं उर्वरक दक्षता

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लेखक

  • खुशबू रानी भाकृअनुप-भारतीय मृदा विज्ञान संस्थान, भोपाल-462038 (मध्य प्रदेश)
  • प्रमोद झा भाकृअनुप-भारतीय मृदा विज्ञान संस्थान, भोपाल-462038 (मध्य प्रदेश)
  • बृज लाल लकारिया भाकृअनुप-भारतीय मृदा विज्ञान संस्थान, भोपाल-462038 (मध्य प्रदेश)
  • ए.के. विश्वकर्मा भाकृअनुप-भारतीय मृदा विज्ञान संस्थान, भोपाल-462038 (मध्य प्रदेश)

सार

कृषि के लिये उर्वरक एक मूल्यवान संसाधन है और इसे दक्षतापूर्वक उपयोग किया जाना चाहिये। इसके लिये '5R' सिद्धांत एक आवश्यक और टिकाऊ कृषि प्रणाली है। उर्वरक के सही स्रोत का, सही मात्रा में, सही समय पर, सही स्थान पर तथा सही संयोजन इसकी में इस्तेमाल करने से गुणवत्ता के अनुसार इसका दक्ष प्रयोग किया जा सकता है। इसके कार्यान्वयन से बेहतर फसल प्रदर्शन, मृदा स्वास्थ्य में सुधार और फलस्वरूप पर्यावरण प्रदूषण में कमी देखने को मिल सकती है। इन सर्वोत्तम प्रबंधन प्रणालियों के उपयोग से न सिपर्फ मृदा में सकारात्मक प्रभाव बना रह सकता है अपितु यह सतत कृषि की ओर कदम बढ़ाने में भी कारगर साबित हो सकता है।

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प्रकाशित

2023-07-04