संसाधन संरक्षण से गेहूं की खेती
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खेती में प्रयुक्त होने वाले संसाधनों यथा पानी, बीज, उर्वरक, दवा, मानव श्रम, डीजल इत्यादि का संरक्षण अत्यावश्यक हो गया है। ये मंहगे होते जा रहे हैं और समय पर इनकी अनुपलब्धता भी परेशान करती है। इसके साथ ही इनके अत्यध्कि प्रयोग से खेती में होने वाली लागत भी बढ़ जाती है। रबी मौसम की मुख्य फसल गेहूं की बुआई खरीपफ मौसम में ली जाने वाली धान की कटाई पर निर्भर करती है। गेहूं बुआई का उचित समय 10 नवम्बर से 10 दिसम्बर है। कभी-कभी विलम्ब से धान की कटाई एवं खेत की तैयारी में ज्यादा समय लगने के कारण देरी से बुआई होने की स्थिति में उपज बुरी तरह प्रभावित होती है। ऐसे में जीरो टिलेज तकनीक बहुत ही कारगर सिद्ध होती है। यह समय पर बुआई करने में संरक्षण प्रदान करती है तथा उत्पादन लागत में कमी लाती है।
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