पशुओं में खनिज लवणों का महत्व

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लेखक

  • जी. मल भाकृअनुप-भारतीय पशु-चिकित्सा अनुसंधान संस्थान, क्षेत्राीय केन्द्र, पालमपुर (हिमाचल प्रदेश)
  • बी. सिंह भाकृअनुप-भारतीय पशु-चिकित्सा अनुसंधान संस्थान, क्षेत्राीय केन्द्र, पालमपुर (हिमाचल प्रदेश)
  • रिंकु शर्मा भाकृअनुप-भारतीय पशु-चिकित्सा अनुसंधान संस्थान, क्षेत्राीय केन्द्र, पालमपुर (हिमाचल प्रदेश)
  • देवी गोपीनाथ भाकृअनुप-भारतीय पशु-चिकित्सा अनुसंधान संस्थान, क्षेत्राीय केन्द्र, पालमपुर (हिमाचल प्रदेश)
  • गौरी जैरथ भाकृअनुप-भारतीय पशु-चिकित्सा अनुसंधान संस्थान, क्षेत्राीय केन्द्र, पालमपुर (हिमाचल प्रदेश)

सार

खनिज पदार्थ प्राकृतिक रूप में पाये जाने वाले अकार्बनिक तत्व हैं, जो शारीरिक कार्यों और चयापचय प्रक्रियाओं के लिए आवश्यक हैं। पशु शरीर में खनिज पदार्थों की मात्रा वजन के लगभग 4 प्रतिशत तक होती है। इनकी उपस्थिति पशु उत्पादन एवं स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए अति आवश्यक है। पशुओं को खनिज पदार्थों की कम मात्रा में जरूरत होती है। किसी भी अन्य एकल वर्ग के पोषक तत्वों की तुलना में खनिज पदार्थ शरीर में सभी जैविक क्रियाओं के अभिन्न अंग हैं। इन कार्यों में जीन और एंजाइम प्रणाली की अभिव्यक्ति और विनियमन शामिल हैं। ये कोशिकीय क्रिया, गतिविधि, विटामिन की कार्यक्षमता, आसरण संबंधी संतुलन, निर्विधिक क्रियाविधि प्रतिरक्षा, कोशिका झिल्ली कार्य, अम्ल-क्षार संतुलन एवं विनियमन तथा संरचनात्मक समर्थन और विकास को नियंत्रित करते हैं।

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प्रकाशित

2023-07-04