तालाबों में जलीय खरपतवार नियंत्रण
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तालाबों में उगने वाले जलीय पौधे मछलियों और वन्य जीवों के लिए पफायदेमंद होते हैं। ये आहार घुलित ऑक्सीजन और मछलियों तथा जल पक्षियों के लिए निवास स्थान प्रदान करते हैं। ये पौधे अत्यध्कि पोषक तत्वों को अवशोषित कर सकते हैं और रसायनों के विषाक्त प्रभाव को कम करते हैं। शैवाल और अन्य जलीय पौधें का घना विकास गंभीर रूप से तालाब में बाध डाल सकता है और जलीय जीवन के लिए खतरा उत्पन्न कर सकता है। पानी के पौधे तैराकी, नौका विहार, मछली पकड़ने और जलीय क्रियाओं को बाधित कर सकते हैं। सड़ने वाली वनस्पति, तीव्र बाध का उत्सर्जन करती है और शैवाल तालाब के पानी को प्रभावित कर सकते हैं। पौधें की घनीभूत वृद्धि के कारण रात के समय ऑक्सीजन की कमी हो सकती है और मछलियां मर सकती हैं। हरे पौधे सूरज की रोशनी में ऑक्सीजन का उत्पादन करते हैं, लेकिन वे रात में ऑक्सीजन का सेवन करते हैं। पानी में खरपतवारों के सड़ने से ऑक्सीजन की आपूर्ति समाप्त हो सकती है, जिसके कारण मछलियां घुटन के कारण मर जाती हैं।
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