कृषि तथा पशुधन क्षेत्र में कृत्रिम बुद्धिमत्ता प्रयोग
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दुनियाभर के कई देशों में कृषि मुख्य व्यवसाय है। संयुक्त राष्ट्र के अनुमानों के अनुसार, वर्ष 2050 में हमारी जनसंख्या 7.5 बिलियन से बढ़कर 9.7 बिलियन हो जाएगी। इससे किसानों को कम क्षेत्राफल में अधिक उपज करनी होगी। दो अरब लोगों को खिलाने के लिए खाद्य उत्पादन में 60 प्रतिशत की बृद्धि करनी होगी। इस भारी मांग को संभालने के लिए पारंपरिक तरीके पर्याप्त नहीं हैं। इसलिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता अर्थात आर्टिपिफशियल इंटेलिजेंस (ए.आई.) लगातार कृषि उद्योग में तकनीकी विकास कर रहा है। एआई-संचालित समाधान न केवल किसानों को दक्षता में सुधार करने में सक्षम बनाएंगे, बल्कि वे फसलों और पशुधन उत्पादों की मात्रा तथा गुणवत्ता में भी सुधार करेंगे।
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