प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना
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कृषि प्रधान देश होने के कारण भारत की बहुसंख्यक आबादी ग्रामीण इलाकों में बसती है और आजीविका के लिए मुख्य रूप से कृषि एवं इससे संबंधित व्यवसायों पर निर्भर है। प्रायः सीमित संसाधनों से खेती-बाड़ी करने वाले कृषकों को विभिन्न प्रकार के कारणों से फसल हानि की स्थिति का सामना करना पड़ता है। इनमें मुख्य तौर पर मानसून का समय पर न आना, बाढ़, सूखा, तूफान आदि का उल्लेख किया जा सकता है। कहने की जरूरत नहीं कि इस प्रकार फसल का चैपट होना किसानों की आर्थिक बदहाली को और बढ़ावा देता है तथा प्रायः वे कर्ज में भी इस कारणवश डूब जाते हैं।
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