जलवायु के प्रभाव को बेअसर करने में सहायक संरक्षित खेती
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वर्तमान समय में घटती हुई कृषि भूमि, इससे होने वाली कृषि आय में कमी तथा बढ़ती हुई मंहगाई के कारण किसानों की आत्मनिर्भर भारत के सपने को साकार करने में जलवायु परिवर्तन बहुत बड़ी बाधा बनता जा रही है। इसके कारण कृषि के प्रति किसानों का मोह भंग होता जा रहा है। यदि दूसरे शब्दों में कहें तो उपरोक्त सभी समस्याओं का निदान किया जाना अत्यंत आवश्यक है। ‘संरक्षित खेती’ ही एक ऐसी तकनीक है, जो कि जलवायु परिवर्तन के कारण होने वाली जैविक व अजैविक आपदाओं से फसलों को सुरक्षा प्रदान कर सकती है। यह फसलों, नर्सरी पौधों, फूलों, फलों, फलियों, दानों एवं बीजों को सुरक्षा प्रदान करती है। इतना ही नहीं इससे फसलों की उत्पादकता प्रति इकाई क्षेत्रा बढ़ जाती है।
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