संरक्षित कृषि तकनीक से दलहन एवं तिलहन फसलों का उत्पादन
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भारत में धान परती भूमि वाले क्षेत्रा रबी मौसम में खाली या परती रह जाते हैं। ये पफसल की गहनता के माध्यम से एक सुनहरा अवसर प्रदान करते हैं। देश के पूर्वी भाग में कुल धान परती का लगभग 84 प्रतिशत हिस्सा है। पूर्वोत्तर भारत में अधिकांश क्षेत्रों में कृषि पूरी तरह से वर्षा आश्रित है और सिंचाई के सीमित संसाधनों के कारण रबी मौसम में खेत परती ही रह जाते हैं। संरक्षित कृषि तकनीक के अंतर्गत खेतों की शून्य जुताई (जीरो टिलेज) द्वारा खेती की जाती है। पिछली फसल के अवशेषों का मृदा की सतह पर उचित प्रबंधन कर दलहनी एवं तिलहनी फसलों की बुआई कर तत्काल लाभ प्राप्त होता है। इस पद्धति को अपनाकर कृषि लागत कम रखते हुए लाभ व उत्पाद लिया जा सकता है।
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